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रिस्पना फ्लड जोन की अधिसूचना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

AltnewsUttarakhand 10/12/2024
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देहरादून(आरएनएस)।  कांग्रेस ने रिस्पना फ्लड जोन की अधिसूचना पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को पूर्व विधायक और मलिन बस्ती कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और अधिसूचना को निरस्त करने की मांग रखी। कहा कि अधिसूचना से बस्तियों को उजाड़ने का मसौदा तैयार किया गया है। प्रशासन की ओर से रिस्पना नदी के तटों पर शिखर फॉल से मोथरोवाला तक बाढ़ क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसे लेकर लोगों से 60 दिन के भीतर आपत्ति मांगी गई थी। मंगलवार को आपत्ति दर्ज करने का अंतिम दिन था। कांग्रेस नेताओं की ओर से फ्लड जोन को विधि विरूद्ध करार देते हुए निरस्त करने की मांग की गई। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि फ्लड जोन में शामिल किए गए क्षेत्र में अधिकांश पंजीकृत मलिन बस्ती में वर्षों पहले बनी हुई हैं। यहां सरकार ने सामुदायिक भवन, सड़क नाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल लाइनें पहले से बिछा रखी हैं और भवन कर लिया जा रहा है। सरकार ने ही इन बस्तियों को मान्यता दी है। अब उसे फ्लड जोन में बताकर उन्हें बेघर करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने अधिसूचना को तत्काल निरस्त कर नोटिस रद्द करने की मांग की है। साथ ही कहा कि अगर इन इलाकों में कोई बड़ी योजना बननी है तो तय नियमों के तहत परिवारों को शिफ्ट करने से पहले उन्हें आवास बनाकर विस्थापित किया जाए। साथ ही फ्लड जोन निर्धारित करने से पहले मलिन बस्तियों को विस्थापित करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार के साथ पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, कांग्रेस निर्वतमान पार्षद इलियास अंसारी, निखिल कुमार, हुकुमचंद महेंद्र रावत, मीना बिष्ट, आनंद त्यागी, सुंदर सिंह पुंडीर, राकेश पवार, हरदयाल प्रसाद यादव, लक्ष्मी राम, असलम, इजहार, ओम प्रकाश, अरुण शर्मा, कौशल्या देव, राजा समेत अन्य शामिल हुए।
40 साल पुरानी है बस्तियां
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 1983, 1986 में कई बस्तियों जैसे कंडोली, चिड़ोवाली खाला, मोहनी रोड़ पुल, बलबीर रोड़ पुल, चूना भट्टा, अधोईवाला, दीपनगर, रामनगर, ऋषिनगर, वाणी विहार, भगत सिंह कालोनी, नई बस्ती चन्दर रोड़, नई बस्ती इन्दर रोड़ में आवास निर्मित हुए हैं। इसके बाद भी सरकार ने बस्तियों में मालिकाना हक दिए हैं। ये बस्तियां फ्लड जोन से प्रभावित नहीं होती हैं बावजूद इसके इन्हें फ्लड जोन में शामिल किया गया है।

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