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‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ :  सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन जीआईएस’ विषय पर शोध

AltnewsUttarakhand 14/02/2025 1 minute read
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प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने राजभवन में ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ के अंतर्गत चल रहे शोध कार्य की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया

देहरादून(आरएनएस)।   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के समक्ष सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने राजभवन में ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ के अंतर्गत चल रहे शोध कार्य की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय द्वारा ‘‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन जीआईएस’’ विषय पर शोध किया जा रहा है।
कुलपति प्रो. बिष्ट ने बताया कि जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) तकनीक के माध्यम से उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन और शहरी नियोजन को अधिक वैज्ञानिक और सटीक बनाया जा सकता है। इस तकनीक का उपयोग आपदाओं की रोकथाम और त्वरित राहत प्रयासों में भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्रों की निगरानी, जल स्रोतों की मैपिंग और शहरी विकास योजनाओं में भी यह तकनीक प्रभावी सिद्ध हो सकती है। उन्होंने अभी तक किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने कहा कि जीआईएस आधारित अध्ययन उत्तराखण्ड में प्रशासनिक और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कुलपति को निर्देश दिए कि इस विषय पर और गहन शोध किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि  उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में जीआईएस का उपयोग नीतिगत निर्णयों को सशक्त बनाने, स्मार्ट प्लानिंग सुनिश्चित करने और सतत विकास को गति देने के लिए किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि इस शोध के प्रभावी निष्कर्षों के माध्यम से जी-गवर्नेंस(जीआईएस बेस्ट गवर्नेंस) की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। इस अवसर पर अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस. भदौरिया, विश्वविद्यालय के प्रो. जे. एस. रावत उपस्थित रहे।

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