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नाबार्ड समर्थित एफपीओ कार्यशाला में मौन पालन और स्थानीय उत्पादों के संवर्धन पर जोर

AltnewsUttarakhand 27/01/2026 1 minute read
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अल्मोड़ा। कृषकों की आय बढ़ाने और आजीविका आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को जनपद अल्मोड़ा के द्वाराहाट विकासखंड अंतर्गत न्याय पंचायत कुवाली के पंचायत घर में नाबार्ड समर्थित मौन पालन एवं कृषि-बागवानी आधारित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन और संचालन को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन सामाजिक विकास एवं प्रबंध समिति अल्मोड़ा के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश चंद्र पंत और सेवानिवृत्त वरिष्ठ कीट विज्ञानी डॉ. पी. एस. कनवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। संस्था के मुख्य कार्यकारी शंभू दत्त जोशी ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनपद के विभिन्न विकासखंडों में एफपीओ के सुदृढ़ गठन, संचालन और सहकारिता को मजबूत करने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि एफपीओ को आत्मनिर्भर बनाते हुए अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता और उद्योग विभागों की भूमिका पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिक विधि से मौन पालन को आय का स्थायी स्रोत बनाने पर जोर दिया गया। डॉ. पी. एस. कनवाल और अन्य विशेषज्ञों ने मौन पालन में आधुनिक तकनीक, रोग प्रबंधन और गुणवत्ता सुधार की जानकारी दी। उद्यान विभाग की सहायक विकास अधिकारी रेनु अधिकारी ने एफपीओ को विभागीय सहयोग और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग की आवश्यकता पर बल दिया। सहकारी समिति कुवाली की सचिव ने एफपीओ को एक व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताते हुए दीर्घकालिक योजना पर जोर दिया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश चंद्र पंत ने एफपीओ की संरचना, प्रबंधन और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी। कार्यशाला में भितारकोट, मझोली और कफलना क्षेत्रों के किसान, मौन पालक और एफपीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में शंभू दत्त जोशी ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से एफपीओ को मजबूत कर किसानों को बेहतर बाजार और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिल सकेगी।

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