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पानी की बचत के साथ आपूर्ति पर भी ध्यान देने की जरूरत : ऋतु खंडूड़ी भूषण

AltnewsUttarakhand 03/02/2025 1 minute read
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ऋषिकेश(आरएनएस)।  एसआरएचयू (स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय) परिसर में ‘हिंदू कुश हिमालय में लैंगिक समानता एवं समाजिक समावेशन आधारित स्प्रिंगशेड प्रबंधन विषय पर चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें नेपाल, भूटान के अलावा भारत के विभिन्न राज्यों के 63 प्रतिनिधियों ने स्प्रिंगशेड प्रबंधन के तरीके सीखे। कार्यालय के अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कार्यशाला में पहुंचीं। उन्होंने स्प्रिंग पुनरुद्धार पर क्षमता निर्माण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पानी की बचत के साथ-साथ हमें उसकी आपूर्ति पर भी ध्यान देना होगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि उत्तराखंड में स्प्रिंगशेड प्रबंधन के लिए हमें कई कदम उठाने होंगे। सबसे पहले हमें स्प्रिंग्स और उसके आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण करना होगा और उनकी स्थिति का मूल्यांकन करना होगा। इसके बाद हमें जल संचयन और जल सुरक्षा के लिए स्प्रिंग्स और उनके आसपास के क्षेत्रों का प्रबंधन की जरूरत होगी। इसके अलावा हमें स्थानीय समुदायों विशेषकर महिलाओं को स्प्रिंगशेड प्रबंधन में शामिल करना होगा और उन्हें जल संचयन और जल सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना होगा। ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।
सआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हिंदू कुश हिमालय में प्राकृतिक जल स्रोतों (स्प्रिंग्स) की प्रणाली को समझने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करना था, जिससे स्थानीय समुदायों की सामाजिक, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाया जा सके। नेपाल से पहुंचे सीनियर वाटरशेड मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट डॉ. संजीव बुचर ने स्प्रिंग्स के सूखने की समस्या, स्प्रिंग इन्वेंटरी की आवश्यकता और महत्वपूर्ण जल स्रोतों के चयन मानदंडों आदि के बारे में बताया। एसआरएचयू के सलाहकार प्रो. एचपी उनियाल ने एसआरएचयू की ओर से पेयजल के क्षेत्र में विकसित नवीन तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की। एसआरएचयू के महानिदेशक डॉ. विजेंद्र चौहान ने कहा कि संस्थान ने उत्तराखंड के 550 से अधिक दूरस्थ गांवों में जल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न योजनाएं संचालित की हैं।
इस मौके पर सुमन बिष्ट, योगेश बरोला, डॉ. राजेश जोशी, डॉ. आईडी भट्ट, नितेश कौशिक, विवेक आनंद, अतुल उनियाल , राजकुमार वर्मा, लखपत बिष्ट, सुजीत थपलियाल, करण नेगी, अभिषेक उनियाल, निधि, नरेश थपलियाल, शक्ति भट्ट, दीपक जोशी आदि उपस्थित रहे।

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