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रेफरल मॉनिटरिंग समिति की प्रथम बैठक में जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

AltnewsUttarakhand 26/11/2025 1 minute read
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अल्मोड़ा। रेफरल प्रकरणों की समीक्षा के लिए गठित रेफरल मॉनिटरिंग समिति की प्रथम बैठक बुधवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों से भेजे गए सभी रेफरल मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक रेफरल प्रकरण का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि गंभीर मरीजों को समय पर उपयुक्त उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए विभागों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए और हर रेफरल मामले में मरीज या उसके परिजनों का फोन नंबर अवश्य दर्ज हो, ताकि उपचार संबंधी अपडेट समय-समय पर दी जा सके। जिलाधिकारी ने 108 एम्बुलेंस सेवा और अस्पतालों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराना अनिवार्य है। साथ ही सभी अस्पतालों को जच्चा-बच्चा से जुड़े सभी मामलों का सुव्यवस्थित डेटा संधारित करने के लिए भी कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीज रेफर करने के बाद भी उसका उपचार अपडेट लिया जाए और रेफर करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिस अस्पताल में मरीज भेजा जा रहा है, वहां उसके उपचार की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि मरीज को निकटतम संभव अस्पताल में रेफर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य मानी जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि 1 नवम्बर से 23 नवम्बर तक जनपद के सरकारी अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों की संख्या ओपीडी के कुल मरीजों की तुलना में एक प्रतिशत से भी कम है। बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल विभागीय दायित्व ही नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है, इसलिए आपात स्थितियों में मरीजों के प्रति संवेदनशीलता सर्वोपरि होनी चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी नवीन चंद्र तिवारी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अस्पताल के पीएमएस हरीश चंद्र गढ़कोटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सक उपस्थित रहे।

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