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उत्तराखंड में 112 सायरनों ने दिया भूकम्प अलर्ट, अब हर माह होगी जांच

AltnewsUttarakhand 09/10/2026
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देहरादून। उत्तराखंड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली की कार्यक्षमता परखने के लिए शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान राज्य में स्थापित 112 सायरनों पर अलर्ट प्राप्त हुआ और भूदेव मोबाइल ऐप पर भी परीक्षण चेतावनी जारी हुई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन एसईओसी में उपस्थित रहे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के वैज्ञानिक भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और परीक्षण की निगरानी की। सायरनों की कार्यप्रणाली तथा मोबाइल ऐप पर प्राप्त चेतावनी का अवलोकन कर प्रणाली की स्थिति का आकलन किया गया।

विनोद कुमार सुमन ने बताया कि परीक्षण काफी हद तक सफल रहा। जिन स्थानों पर सायरनों के संचालन में तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, उन्हें आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक चिन्हित कर रहे हैं। कमियों का आकलन कर उन्हें दूर कराया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर सभी सायरन प्रभावी ढंग से काम कर सकें।

वर्तमान में राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित हैं। सेंसरों के माध्यम से भूकम्पीय गतिविधियों की निगरानी और निर्धारित व्यवस्था के तहत चेतावनी प्रसारित करने का प्रयास किया जाता है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) और आईआईटी रुड़की के सहयोग से परियोजना के तहत अतिरिक्त सेंसर स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रक्रियाधीन है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हर माह की 9 तारीख को पूर्वाह्न 11 बजे सायरन बजाकर प्रणाली का नियमित परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सायरनों के संचालन की जांच होगी और तकनीकी खामियां मिलने पर उन्हें दूर कराया जाएगा। नियमित परीक्षण से वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रणाली की विश्वसनीयता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सुमन ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को बजाए गए सायरन पूर्व निर्धारित परीक्षण का हिस्सा थे, किसी वास्तविक भूकम्प की चेतावनी नहीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल फोन में भूदेव ऐप का अद्यतन संस्करण इंस्टॉल रखें और उसे लोकेशन की अनुमति दें, ताकि आपात स्थिति में चेतावनी संदेश प्राप्त करने में सुविधा हो।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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