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बरसात में सर्पदंश से बचाव को स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

AltnewsUttarakhand 31/07/2026 1 minute read
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अल्मोड़ा। वर्षा ऋतु में सर्पदंश और विषैले कीटों के काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में राष्ट्रीय सर्पदंश नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरीश चंद्र पंत ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सर्पदंश की घटनाओं से बचाव के लिए घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियों और कचरे को हटाएं तथा घर में चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं। रात के समय बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें और खेतों या पानी भरे स्थानों में काम करते समय जूते तथा सुरक्षात्मक वस्त्र अवश्य पहनें। बच्चों को झाड़ियों, लकड़ियों के ढेर और सुनसान स्थानों पर खेलने से भी बचाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं। पीड़ित को शांत रखें, अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। बिना किसी देरी के उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। झाड़-फूंक, चीरा लगाना, विष चूसना, कसकर पट्टी बांधना या किसी भी तरह के घरेलू उपचार से बचना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश के उपचार की व्यवस्था और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है। समय पर अस्पताल पहुंचने से सर्पदंश का प्रभावी और सुरक्षित उपचार संभव है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नागरिकों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, पड़ोस और समुदाय को भी सर्पदंश से बचाव और सही उपचार की जानकारी देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर उचित उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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