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वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा प्रदेश: माहरा

AltnewsUttarakhand 06/05/2024
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देहरादून(आरएनएस)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने वनों में लगी आग के लिए वन विभाग की लापरवाही को असल जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश उपाध्क्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी के हवाले से जारी बयान में सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष ने पहाड़ों को आग से बचाने को हेलीकॉप्टर से पानी का छिड़काव किए जाने की मांग की। माहरा ने कहा कि आग की घटनाएं सरकार की नाकामी को उजागर कर रही है। समय रहते कदम उठाए जाते तो ऐसे विकट हालात न पैदा होते। जबकि अब आग लगने की घटनाएं हर साल होती हैं। इसके बाद भी सरकार आपदा से निपटने को समय रहते इंतजाम करने में विफल रहती है। यही वजह है, जो आज के समय में 95 प्रतिशत जंगल जल रहे हैं। मार्च के अंतिम समय से आग लगना शुरू हो गई थी, लेकिन वन विभाग की नींद तब तक नहीं टूटी, जब तक वो दावानल न बन गई। अभी भी पूरा सिस्टम सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठा है। आग लगने की इन घटनाओं से सिर्फ अमूल्य वन सम्पदा ही नष्ट नहीं हो रही है, बल्कि वन्य पशु, पेड़, वनस्पतियां, जल स्रोत और यहां तक कि ग्लेशियर भी संकट में हैं। माहरा ने कहा कि आग लगने से जान माल के नुकसान का भी खतरा पैदा हो रहा है। दूनागिरी मन्दिर के निकट जंगल में लगी आग से श्रद्धालुओं तक को अपनी जान बचानी पड़ी। एडीधूरा मन्दिर में आग से स्थानीय धर्मशाला पूरी तरह जल कर नष्ट हो गई है। वन विभाग के अधिकारी केवल देहरादून के कमरों में बैठ कर नीतियां बना रहे हैं। सरकार आग से बचाव को ठोस रणनीति बनाएं। पहले की तरह वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जनता को जल जंगल और जमीन पर उसके अधिकार दिए जाएं। वन पंचायतों को सक्रिय कर आंधी तूफान से गिरे हुए पेड़ों को उठाने के अधिकार दिए जाएं। ताकि हर वर्ष होने वाले इस नुकसान से बचा जा सके।

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