Skip to content
ALT UTTARAKHAND

ALT UTTARAKHAND

Primary Menu
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • ऊधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • चमोली
    • देहरादून
    • हरिद्वार
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी
  • सम्पर्क करें
  • Privacy Policy
Watch
  • Home
  • उत्तराखंड
  • अल्मोड़ा
  • मानसखण्ड विज्ञान केंद्र में पांच दिवसीय जीआईएस प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
  • अल्मोड़ा

मानसखण्ड विज्ञान केंद्र में पांच दिवसीय जीआईएस प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

AltnewsUttarakhand 04/10/2026 1 minute read
Alt Uttarakhand default Featured image

अल्मोड़ा। मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वावधान में ‘भौगोलिक सूचना विज्ञान एवं पर्यावरण प्रबंधन में इसके अनुप्रयोग’ विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम 29 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक चला। इसका आयोजन एवं संचालन केंद्र की सह-प्रभारी डॉ. प्रियंका अधिकारी और एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ. जी.सी.एस. नेगी ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोर्स सुपरवाइजर प्रो. जे.एस. रावत रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को भौगोलिक सूचना विज्ञान, रिमोट सेंसिंग तथा पर्यावरण प्रबंधन में भू-स्थानिक तकनीकों के अनुप्रयोगों की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान जीआईएस आधारित आंकड़ा प्रबंधन, स्थानिक विश्लेषण, रिमोट सेंसिंग तथा पर्यावरणीय प्रबंधन में भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग से संबंधित व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से कुल 29 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों के अधिगम के मूल्यांकन के लिए परीक्षा आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन डॉ. नवीन चंद्र जोशी के ऑनलाइन संबोधन एवं शुभकामनाओं के साथ हुआ। इसके बाद सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के डीन प्रो. जी.सी. शाह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक रूप से उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जीआईएस एवं भू-स्थानिक तकनीकों का ज्ञान भविष्य में पर्यावरण प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, स्थानिक आंकड़ों के विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय लेने में उपयोगी सिद्ध होगा।

About the Author

AltnewsUttarakhand

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: बिनसर में साइकिल रैली से वन्यजीव संरक्षण का संदेश, जैव-विविधता बचाने का दिया संदेश
Next: यातायात नियम तोड़ने वाले 174 वाहन चालकों के चालान

Related Stories

Alt Uttarakhand default Featured image
  • अल्मोड़ा

उत्तराखंड उत्थान यात्रा को लेकर यूकेडी की तैयारियां तेज, 11 अक्टूबर से कुमाऊं चरण शुरू

AltnewsUttarakhand 07/10/2026
Alt Uttarakhand default Featured image
  • अल्मोड़ा

सोमेश्वर अस्पताल में एक्सरे मशीन और एंबुलेंस खराब, कांग्रेस ने जताई नाराजगी

AltnewsUttarakhand 07/10/2026
Alt Uttarakhand default Featured image
  • अल्मोड़ा

कनिष्ठ वर्ग की संस्कृत प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

AltnewsUttarakhand 07/10/2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.