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उत्तराखंड के दो नन्हे पर्वतारोहियों ने फतह की माउंट किलिमंजारो, रियांश और प्रिशा ने बनाया नया कीर्तिमान

AltnewsUttarakhand 25/08/2026
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रियांश पंत और प्रिशा रावत ने माउंट किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के दो नन्हे पर्वतारोहियों रियांश पंत और प्रिशा रावत ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) फतह कर प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। दोनों ने 22 अगस्त को शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराते हुए साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

अल्मोड़ा के चीनाखान निवासी 9 वर्षीय रियांश पंत उत्तराखंड के सबसे कम उम्र के बालक बन गए हैं, जिन्होंने माउंट किलिमंजारो की चोटी पर सफलता हासिल की। वहीं नैनीताल जिले के बैलपड़ाव निवासी 10 वर्षीय प्रिशा रावत ने उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की बालिका के रूप में इस शिखर को फतह कर नया इतिहास रचा है।

रियांश और प्रिशा दोनों का पर्वतारोहण से जुड़ाव बचपन से रहा है। उनके पिता भी अनुभवी पर्वतारोही हैं और कई पर्वत अभियानों में सफलता हासिल कर चुके हैं। परिवार से मिले मार्गदर्शन और प्रेरणा ने दोनों बच्चों में पर्वतारोहण के प्रति रुचि और आत्मविश्वास विकसित किया।

रियांश इससे पहले उत्तराखंड के कई हिमालयी ट्रेक सफलतापूर्वक पूरे कर चुके हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर दोनों बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौती माउंट किलिमंजारो अभियान में भाग लिया। कठिन मौसम, कम ऑक्सीजन और ऊंचाई जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अनुशासन, धैर्य और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।

माउंट किलिमंजारो अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी होने के साथ दुनिया के प्रतिष्ठित सेवन समिट्स में शामिल है। इतनी कम उम्र में इस शिखर तक पहुंचना न केवल दोनों बच्चों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय भी है।

दोनों नन्हे पर्वतारोहियों की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि सही प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मजबूत संकल्प के साथ कम उम्र में भी बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

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