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डायरी में लिखे एक शब्द से खुला दस साल पुराना राज, बिछड़ा हुआ शख्स परिवार से मिला

AltnewsUttarakhand 07/08/2026 1 minute read
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस की संवेदनशीलता और सूझबूझ ने करीब दस वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति को उसके परिजनों से मिला दिया। पहचान का कोई दस्तावेज नहीं होने के बावजूद डायरी में लिखे गए महज एक शब्द ने पुलिस को ऐसा सुराग दिया कि चार दिन के भीतर उसकी पहचान कर परिवार तक पहुंचने में सफलता मिल गई। पुलिस के अनुसार रानीखेत के ताड़ीखेत और मजखाली क्षेत्र में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति पिछले लगभग दस वर्षों से भटक रहा था। उसकी पहचान और घर के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी। हाल ही में मजखाली चौकी का कार्यभार संभालने वाले उपनिरीक्षक विनोद फर्त्याल ने उससे बातचीत कर उसकी पहचान जानने का प्रयास किया। नेटग्रिड पोर्टल के माध्यम से भी जानकारी जुटाई गई, लेकिन मामला पुराना होने के कारण कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद उपनिरीक्षक विनोद फर्त्याल ने उस व्यक्ति को एक डायरी और पेन दिया। उसने डायरी में केवल ‘राजेपुर’ शब्द लिखा। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद स्थित राजेपुर थाने से संपर्क किया। तस्वीरों और अन्य जानकारियों के सत्यापन के बाद चार दिन के भीतर उसकी पहचान श्याम सिंह (51) पुत्र फेरू सिंह, निवासी ग्राम राजेपुर राठौड़ी, थाना राजेपुर, जनपद फर्रुखाबाद के रूप में हुई। सूचना मिलने पर श्याम सिंह के पुत्र अमित सिंह सहित अन्य परिजन मजखाली पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने बताया कि मानसिक स्थिति बिगड़ने के बाद श्याम सिंह करीब दस वर्ष पहले घर से लापता हो गए थे। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था, जिससे परिवार ने उनके मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। करीब एक दशक बाद पिता को सकुशल अपने सामने देखकर परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने अल्मोड़ा पुलिस, विशेषकर मजखाली चौकी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की संवेदनशीलता, धैर्य और मानवीय प्रयासों की बदौलत उनका परिवार फिर से एक हो सका।

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