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जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा: मोंटेक सिंह अहलूवालिया

अल्मोड़ा। पद्म-विभूषण विख्यात अर्थशास्त्री व भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया उत्तराखण्ड सेवा निधि पर्यावरण शिक्षा संस्थान अल्मोड़ा में 11वां बी डी पाण्डे स्मृति व्याख्यान में पहुँचे। इस दौरान उन्होंने पद्म भूषण स्व. बीडी पाण्डे द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘इन द सर्विस ऑफ फ्री इंडिया’ का लोकार्पण किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत चुनौतियाँ तथा स्थानीय स्तर पर उनके प्रभाव विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर विषय है लेकिन इसको अपेक्षा के अनुसार गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विषय तत्काल असर करने वाला नहीं है। इसके चलते यह नीति निर्धारण करने वाले इसके अहमियत नहीं देते हैं। उन्होंने बदलते पर्यावरण के हिमालय पर असर के साथ ही कहा कि इससे समुद्र का जल स्तर बढ़ने का खतरा है। जहां पहाड़ी इलाके लिए खतरा है वहीं तटीय इलाके के जनजीवन भी इससे प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि तापमान बढ़ने से फसलों पर असर होगा वहीं कई बीमारियां जन्म लेंगी। समाज में पलायन जैसी गतिविधियां बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नारों के साथ ही जमीनी पहल करने की दरकार है। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे ने तथा संचालन सेवानिधि के पद्मश्री डॉ ललित पांडे ने किया।