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अल्मोड़ा: ई-रिक्शा में हो रही ओवरलोडिंग पर कौन लेगा जिम्मेदारी?

अल्मोड़ा। मरचूला में हुए बस हादसे से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस जगह जगह पर लगातार टैक्सी वाहनों, बसों में ओवरलोडिंग की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्यवाही कर रही है। इसके अलावा पुलिस की यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर भी कार्यवाही लगातार चालू है। लेकिन नगर में ई रिक्शा में ओवरलोडिंग पर पुलिस लगाम नहीं कस पा रही है। पुलिस की नाक के नीचे बैटरी चलित ई रिक्शा चालक ओवरलोड कर सवारियां ले जा रहे हैं। 4 से 6 सवारी क्षमता के ये वाहन 8-9 सवारियां ढो रहे हैं। ई रिक्शा वाहन तिपहिया और वजन में हलके वाहन होते हैं जो ओवरलोड में असंतुलित होकर कभी भी पलट सकते हैं। ऐसी स्थिति में जानमाल के नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? ई रिक्शा वाहन वर्तमान में नगर के शिखर तिराहे से रघुनाथ सिटी मॉल तक संचालित हो रहे हैं। वहीं शिखर तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी खड़े होते हैं और करीब 150 मीटर की दूरी पर जीजीआईसी तिराहे पर भी पुलिस वाले यातायात सँभालते हुए मिलते हैं लेकिन इन ओवरलोड छोटे वाहनों पर किसी की नजर नहीं जाती। यही ध्यान होता तो इस प्रकार ओवरलोडिंग नहीं हो रही होती। पुलिस प्रशासन को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि ओवरलोडिंग या नुकसान सिर्फ बड़े वाहनों में नहीं होता छोटे वाहनों में भी दुर्घटना की सम्भावना होती है।